पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए प्राथमिक विद्यालय सकलडीहा-प्रथम में ‘इको क्लब फॉर मिशन लाइफ’ (Eco Club for Mission LIFE) के अंतर्गत एक विशेष अभियान का आयोजन किया गया। 28 अक्टूबर 2026 को आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और समुदाय में पर्यावरण के प्रति उत्तरदायित्व की भावना जागृत करना और ई-कचरे (E-Waste) के सुरक्षित निस्तारण के प्रति जागरूकता फैलाना था।

4-बिन प्रणाली की स्थापना और ई-कचरा संग्रहण
कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर में 4-बिन (Four-Bin) प्रणाली की स्थापना की गई, जिससे बच्चों को कचरे को उसके स्रोत पर अलग-अलग (गीला, सूखा, खतरनाक और ई-कचरा) छांटने का व्यावहारिक प्रशिक्षण मिला।
इसके साथ ही, डिजिटल युग में तेजी से बढ़ रहे इलेक्ट्रॉनिक कचरे के प्रति सचेत करते हुए विशेष ई-कचरा संग्रहण अभियान चलाया
गया। पुराने और खराब हो चुके इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को एकत्रित कर उनका उत्तरदायी रूप से निस्तारित किया गया, ताकि पर्यावरण को इसके दुष्प्रभावों से बचाया जा सके।
ई-वेस्ट क्विज प्रतियोगिता और विद्यार्थियों का शानदार प्रदर्शन
कार्यक्रम के दौरान ई-कचरे से जुड़ी एक विशेष क्विज प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया, जिसमें बच्चों ने भारी उत्साह के साथ हिस्सा लिया। इस क्विज में मुहम्मद आमीन, कार्तिक, रानी, सोनी एवं आराध्या ने अत्यंत सराहनीय प्रदर्शन करते हुए ई-कचरा प्रबंधन से जुड़े सवालों के बेहतरीन जवाब दिए और सबका ध्यान आकर्षित किया।
शिक्षकों और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता
इस सफल राष्ट्रीय कार्यक्रम में कुल 45 उत्साही विद्यार्थियों और 6 शिक्षकों ने पूरी ऊर्जा के साथ भाग लिया। कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के समस्त स्टाफ का विशेष योगदान रहा:
-
प्रधानाध्यापक: हिमांशु कुमार पाण्डेय
-
शिक्षकगण: मयंक शर्मा, अभिषेक पाण्डेय, नेहा मिश्रा, और आशुतोष आनंद
वहीं, इको क्लब की गतिविधियों और अभियानों में प्रमुख छात्रों—मुहम्मद आमीन, आदित्य मिश्र, रानी चौहान, सोनी कुमारी, दीपक खरवार, और कांता यादव आदि ने अपनी सक्रिय नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया।
प्रधानाध्यापक का संदेश
विद्यालय के हेडमास्टर हिमांशु कुमार पाण्डेय ने इस अवसर पर कहा कि “पर्यावरण संरक्षण केवल एक विषय नहीं, बल्कि जीवन का अंग है और इसे हमें अपने स्वभाव में शामिल करना चाहिए। मिशन लाइफ (LiFE – Lifestyle for Environment) के तहत बच्चों में यह चेतना विकसित करना हमारा मुख्य उद्देश्य है ताकि वे आज के जिम्मेदार विद्यार्थी और कल के पर्यावरण-मित्र नागरिक बन सकें।”
यह अभियान विद्यालय के समग्र विकास और पर्यावरण-अनुकूल संस्कृति को बढ़ावा देने की दिशा में एक आयोजन है।





